पत्नी नहीं पर पत्नी से कम भी नहीं


Click to Download this video!

(Patni To Nahi Par Patni Se Kam Bhi Nahi)

दोस्तो, आप सभी को नमस्कार, मेरा नाम निक्की है, मैं 27 साल का दिल्ली का रहने वाला हूं.. मेरा लंड भी ठीक ठाक है.. किसी को भी अच्छे से संतुष्ट कर देता है. मैं काफी समय से eugenekhan.ru का पाठक हूँ. यहाँ से बहुत कुछ सीखा और जाना है.

बात 7 फरवरी 2016 से शुरू होती है. मैं इंटरनेट पर फेसबुक सबसे ज्यादा चलाता हूं, वहीं से मुझे इस कहानी की हीरोइन मिली. उसका नाम पिया शर्मा था. वो 28 साल की शादीशुदा बंदी थी. मैं ऐसे ही में टाइम पास करने के लिए फेसबुक चलाता रहता था.

एक दिन मैंने पिया शर्मा को फ्रेंड रिक्वेस्ट सेंड की. उसने 2 दिन बाद मेरी रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर ली. शुरू में तो मैं उनसे ज्यादा बात नहीं करता था क्योंकि उनकी प्रोफाइल में पिक नहीं लगी थी. मुझे लगा कोई लड़का होगा.

पर जब धीरे धीरे बातें बढ़ने लगीं, एक दूसरे के बारे में पूछा, तब लगा कि ‘हां यार ये लड़की ही है.’
फिर 5-6 दिन बाद मैंने उनकी पिक मांगी तो उन्होंने दे दी. बहुत स्वीट सी बंदी थी. अब हमारी बातें लगभग रोज ही होती थीं, पर बातें अभी भी नार्मल ही एक दोस्त की तरह थीं. उनको जब मुझपे भरोसा हो गया, तब उन्होंने मेरा नंबर माँगा.. मैंने दे दिया.

अगले दिन उनका कॉल आया- कैसे हो? बहुत ही स्वीट आवाज थी उनकी.. और जो बात करने का तरीका था, वो भी बहुत ही बढ़िया था.

अब उनसे फोन चैट भी नार्मल होने लगीं. मैंने उनसे उनके परिवार के बारे में जाना, तो पता चला वो 5 साल से अपने पति से अलग रह रही हैं. उनकी 8 साल की बेटी है. वे अपने मम्मी पापा के साथ रहती हैं, टीचर की जॉब करती हैं.

सच कहूं ये सब सुनकर पहले तो मुझे बड़ा दुःख हुआ कि क्या कमी है इनमें, जो ऐसा हुआ. उस दिन से मेरा उनके प्रति लगाव और बढ़ गया. फ़ोन पर तो मैं कम ही बात करता था, पर व्हाट्सैप पर दिन भर उनके साथ ही रहता था. जैसे कि खाने की पूछना, उनके बारे में पूछना, बच्ची के बारे में पूछना. उनको भी मेरा साथ अच्छा लगने लगा.

अब तो उनको भी भरोसा इतना हो गया था कि मैं जब भी पिक मांगता तब ही मुझे पिक मिल जाती थी.

फिर एक दिन मैंने उनसे मिलने को बोला कि मैं आपसे मिलना चाहता हूँ. कब मिल सकते हैं?
भाभी ने कहा- हां मुझे भी तुमसे मिलना है.
मैं समझ गया कि शायद ये रिश्ता कोई रूप बनाने वाला है.

मैंने भाभी से बात की और अगले ही दिन की बात तय हो गई. मैं अगले दिन अच्छे से तैयार होकर उनसे मिलने पहुँचा. राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर उनका इंतजार करने लगा.

जब वो आईं, तब मैं उनको देखता ही रह गया. जिस बंदी को मैंने पिक में सूट में देखा था, ये वही है. उस दिन उन्होंने नीला टॉप और लाल जींस पहन रखी थी. उनका 34-28-34 का फिगर था, एकदम बम लग रही थीं. कोई भी नहीं कह सकता था कि ये 8 साल की बच्ची की माँ हो सकती हैं.

खैर फिर हम नॉएडा गए. पूरे रास्ते में मैं उनको ही देखता रहा.. क्योंकि बहुत अच्छी लग रही थीं. नॉएडा जाकर पहले रेस्तरॉ में खाना खाया, बहुत सी बातें की. फिर मूवी ‘जय गंगा जल’ देखने गए. मेरा तो मूवी पे कम, उन पर ज्यादा ध्यान था. उनको प्यार करने का मन था, पर बात शुरू कैसे की जाए, ये नहीं समझ पा रहा था.

खैर जैसे तैसे मैंने हिम्मत करके उनके हाथों को सहलाया, उनको अच्छा लगा. फिर हिम्मत करके गाल पर किस किया, उन्होंने कोई बुरा नहीं माना. फिर थोड़ी और हिम्मत करके उनके होंठों पे अपने होंठ रख दिए. आह.. उनका वो नर्म एहसास आज भी याद है. लगभग 15 मिनट तक ये किस चली, वो भी मेरा खूब साथ दे रही थीं.

फिर उनके घर से कॉल आया, उनको अचानक जाना पड़ा. मैं राजीव चौक तक उनको छोड़ कर अपने घर वापिस आ गया.

उस दिन तो इतना ही हुआ.

अब अगले दिन मैंने पूछा- आप मुझे पसंद करती हो?
उन्होंने बोला- अगर न करती तो किस करने देती?

अब प्यार को आगे बढ़ाने का सिर्फ मौका चाहिए था.. यानि प्यास बुझाने का वक्त आ गया था. इस दौरान मैं उनसे 2 बार और मिला, पर कुछ हो नहीं पाया.

अब फ़ोन पे तो अक्सर हमारी सेक्स चैट होती रहती थीं. फिर वो दिन आ ही गया जिसका मुझे और पिया दोनों को इंतजार था. मेरे दोस्त ने एक भरोसे का होटल बताया, मैं और पिया वहां आ गए. उधर जाते ही मैंने उनको अपनी बांहों में भर लिया. फिर किसिंग शुरू हुई.. वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थीं.. गर्मी उनमें भी काफी थी. मैं किस के साथ साथ उनके चूचे भी दबा रहा था. वो खूब मजा ले रही थीं और गर्म भी होती जा रही थीं.

फिर मैंने उनका टॉप उतारा और ब्रा को ऊपर करके एक दूध को पीने लगा, दूसरे को दबाने लगा. सच में बड़ा मजे का माहौल था.. उनकी मादक सिसकारी मुझे और जोश दिला रही थी.

मैंने अपने पेंट कमीज निकाली, सिर्फ अंडरवियर में रह गया. उनकी पेंट खोली, वो भी सिर्फ ब्रा पेंटी में थीं. मैंने उनकी एकदम भरी हुई चुच्ची को पीने में लग गया और एक हाथ से उनकी चुत में उंगली करनी शुरू कर दी.
वो बहुत गर्म हो गई थीं.. बोलीं- क्या करके मानोगे?
मैंने कहा- आपको शांत.
वो मेरे लंड को कच्छे के ऊपर से ही पकड़ कर बोलीं- जब तक ये अन्दर नहीं जाएगा, शांति नहीं मिलेगी.

मैंने अपना कच्छे से लंड को निकाला और उनके हाथों में दे दिया. उन्होंने मेरे लंड को बहुत प्यार से सहलाया.आप इस कहानी को HotStory.Xyz में पढ़ रहे हैं।

कुछ देर लंड से खेलने के बाद अब बारी आई चुदाई की, वो मेरे नीचे लेट गईं, मैंने उनकी चुत पर लंड सैट किया और धक्का दे मारा, पर लंड फिसल गया था. उनकी चुत चिपक सी गई थी क्योंकि उन्होंने पिछले 5 साल से लंड नहीं लिया था. फिर मैंने ढेर सारा थूक उनकी चुत पर और अपने लंड पे लगाया.

अब उन्होंने खुद अपने हाथों से मेरे लंड को छेद पे सैट किया और बोला- अब करो.

मैंने झटका मारा तो आधा लंड अन्दर हो गया. उनको दर्द होने लगा तो मैंने उनके होंठ चूसने शुरू किए ताकि दर्द से ध्यान हटे.

फिर दो धक्के में ही वो नीचे से हिलने लगीं. मैंने एक और धक्का मार पूरा लंड उनकी चुत में उतार दिया. सच में बहुत कसी हुई चूत थी उनकी.. बिल्कुल कुंवारी लड़की जैसी चूत थी.

अब शुरू हुआ धक्का पेली का खेल.. मैं शॉट मारता, वो मेरे हर शॉट का जवाब नीचे से गांड उठा कर देतीं. चुदाई के साथ साथ हमारी किसिंग बराबर चालू थी. कभी मैं उनके होंठ चूसता, कभी चुचे चचोरता. बस यूं ही 10-15 मिनट में ही वो झड़ गईं.

लेकिन मेरा अभी बाकी था, तो उन्होंने बोला- तुम नीचे हो जाओ, मैं ऊपर आती हूँ.

मैं उनके नीचे हुआ, अब वो लंड अन्दर ले कर मस्ती से गांड उछालते हुए लंड अन्दर लेने लगीं. मैं भी नीचे से धक्के पे धक्का लगाता जा रहा था.. साथ ही उनकी झूलती चूचियों से खेलता रहा.

इस बीच वो दुबारा झड़ गईं. करीब 5 मिनट बाद मैं भी उनके अन्दर ही झड़ गया. इस चुदाई से वो काफी खुश लग रही थीं. मैं भी उनको चोद कर काफी खुश था. मैंने चूत तो बहुतों की बहुत मारी है, पर जो मजा पिया की चूत चुदाई से मिला, वो कभी किसी चूत ने नहीं दिया.

उस दिन मैंने उनको एक बार और चोदा. उसके बाद तो पता नहीं कितनी बार चुदाई की होगी. हर तरह से पिया को चोदा. चुदाई में चूत चाटना, लंड चुसवाना भी खूब हुआ. मेरी हर ख्वाइश को उन्होंने पूरा किया. अब जब भी हम दोनों को मौका मिलता, चाहे होटल हो या मेरा घर.. खूब चुदाई करते.

आज भी वो मेरे साथ हैं, हम खूब मजे करते हैं.. जबकि वो अपने पति के साथ सैट भी हो चुकी हैं. तब भी कोई किसी लड़की को तन से जरूर सुख दे दे, पर मन का सुख भी जरूरी है. मैं हर तरह से उनको सुख देता हूं, तन की शांति भी और उनको दिल से भी प्यार देता हूँ. भले ही हमारी शादी नहीं हुई है, पर हैं हम दोनों एक पति पत्नी की तरह ही.

आपको सेक्स कहानी कैसी लगी, मेल जरूर करना.


Online porn video at mobile phone